बचपन

 बढ़ती उम्र के साथ और ज्यादा याद आता है बचपन।।


धूप तेरी यादों की आज भी सेकती हूँ

ऐ_बचपन तुझे सपने में आज भी देखती हूँ।।

-ज्योति

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